पूजन की जानकारी
सलकनपुर विजयासन माता मंदिर में माँ की आराधना के लिए प्रतिदिन पाँच आरतियाँ, भोग का समय, और अन्य विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। इन धार्मिक क्रियाओं में भक्तजन बड़े श्रद्धा भाव से भाग लेते हैं।
माताजी की पाँच आरती का समय (Five Aarti Timings of Mataji):
- प्रातः साढ़े पाँच बजे – इस समय माँ की पहली आरती होती है, जो भक्तों के लिए विशेष महत्व रखती है।
- प्रातः साढ़े आठ बजे – सुबह की दूसरी आरती होती है, जिसमें माँ को जगाने की पूजा की जाती है।
- दोपहर साढ़े ग्यारह बजे – इस समय माँ की मध्यान्ह आरती होती है।
- रात्रि साढ़े सात बजे – यह संध्या आरती का समय है, जिसमें भक्त माँ की उपासना करते हैं।
- रात्रि आठ बजे – यह शयन आरती होती है, जिसके बाद माँ के पट बंद कर दिए जाते हैं।
भोग का समय (Bhog Offering Time):
- दोपहर 11:40 बजे – इस समय माँ को भोग अर्पित किया जाता है। भोग के समय माँ के पट 5 मिनट के लिए बंद रहते हैं।
नित्य दुर्गासप्तशती का पाठ (Daily Durga Saptashati Recitation):
- मंदिर में प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है। यह पाठ माँ की कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
अखंड ज्योति और धूना (Eternal Flame and Sacred Dhuni):
- मंदिर में दो अखंड ज्योतियाँ अनंत काल से निरंतर प्रज्वलित हैं, जो माँ की शक्ति और आशीर्वाद का प्रतीक हैं।
- इसके अलावा, मंदिर में अखंड धूना भी प्रज्वलित है, जो भक्तों के लिए एक पवित्र स्थान का प्रतीक है।
